Sunday, 23 September 2012

दलितों ने दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी


बाबरी : अलीपुर कलां गांव में चार दिन पहले जाट समुदाय से हुई मारपीट के बाद रविवार को एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में कई गांवों दलितों ने पंचायत की। दलितों ने पुलिस और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी। इससे पहले रविवार को एक दलित महिला को कूड़ा डालने से जाट समुदाय के लोगों द्वारा रोकने पर विवाद और बढ़ गया था, जिसे पुलिस ने संभाल लिया।
अलीपुर कलां में जाट समुदाय से विवाद के चलते दलितों ने गांव में रविवार को पंचायत की। पंचायत में दलितों ने पुलिस-प्रशासन पर उपेक्षा व स्वर्णो पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अलीपुर कलां, बुड़ीना कलां, तितावी, धौलरी, साल्हाखेड़ी आदि गांव के सभी दलित इस्लाम धर्म कबूल कर लेंगे। एसडीएम सदर एसबी सिंह व सीओ भवन अजितेंद्र विजय के समक्ष दलितों ने कहा कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें पांच-छह लोग घायल हुए। कहा कि जाट समुदाय के हमले के डर से वह बीमार लोगों सोना व ब्रिजेश आदि को अस्पताल नहीं ले जा पा रहे। इस अवसर पर रविंद्र कुमार, राजेश, देवी सिह, ब्रह्म सिंह, मूलचंद, अजय, सुमेर, उदयवीर, सतीश आदि मौजूद रहे। इधर, राजीव के घोड़े की शनिवार शाम बीमारी के चलते हुई मौत के बाद उसके शव को पुलिस की मौजूदगी में दफनाया गया।
कूड़ा फेंकने से रोकने पर विवाद
अलीपुर कलां में एक दलित महिला कूड़ा डालने जा रही थी। आरोप है कि जाट समुदाय के कुछ युवकों ने उसको रोक दिया। इस बात को लेकर हंगामा हो गया और तनाव का माहौल बन गया। दलितों ने बस्ती की गली में बोगी खड़ी कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। दलित समुदाय का कहना है कि सुरक्षा के लिए उन्होंने बोगी खड़ी की, जबकि जाट समुदाय ने दलितों पर हमले की तैयारी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया। बता दें कि शनिवार शाम को बसपा सांसद कादिर राना व बसपा जिलाध्यक्ष रविंद्र गौतम आदि के पहुंचने के बाद दलित समुदाय में उबाल आ गया था। वह हथियार लेकर सड़कों पर आ गए थे।
इनका कहना है..
स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने का मामला व्यक्तिगत है, अगर कोई जबरदस्ती करता है या दबाव बनाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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